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बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का बदला मीटर: 140/90 नहीं, अब 130/80 हाई BP
पिछली गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 140/90 को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जाता था लेकिन नई गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को पà¥à¤¨à¤ƒà¤ªà¤°à¤¿à¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया गया है और अब 130/80 को ही हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जा रहा है जिससे संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा रहता है।
अब 130/80 है हाई बीपी की नई सीमा
अमेरिकी हारà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने सोमवार को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के संदरà¥à¤ में à¤à¤• नई गाइडलाइनà¥à¤¸ जारी की है जिसके तहत दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के लाखों लोग हाई बीपी के दायरे में आ जाà¤à¤‚गे और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी जीवनशैली में बदलाव करना होगा या फिर इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से निपटने के लिठदवा खानी पड़ेगी।
अमेरिकन हारà¥à¤Ÿ असोसिà¤à¤¶à¤¨ और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‰à¤²à¤œà¥€ की ओर से सूतà¥à¤°à¤¬à¤¦à¥à¤§ की गई गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 45 साल के कम उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रोग के लकà¥à¤·à¤£ तीन गà¥à¤¨à¤¾ हो जाà¤à¤‚गे जबकि 45 साल से कम उमà¥à¤° की महिलाओं में इस रोग का पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° दो गà¥à¤¨à¤¾ हो जाà¤à¤—ा। यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ ऑफ वरà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के डॉ रॉबरà¥à¤Ÿ à¤à¤® कैरी कहते हैं, 'ये आकंड़े डराने वाले हैं।'
दरअसल, पिछली गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 140/90 को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जाता था लेकिन नई गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª को पà¥à¤¨à¤ƒà¤ªà¤°à¤¿à¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ किया गया है और अब 130/80 को ही हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जा रहा है जिससे संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा रहता है। साल 2003 के बाद से यह पहला आधिकारिक डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• रिवीजन है जिसके मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा बढ़ने के परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सबूत मिले हैं।
डायट में करें बदलाव, हाई BP में होगा फायदा!
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सीमा दोबारा निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होने के बाद अमेरिका में हाइपरटेंशन या हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के वयसà¥à¤• मरीजों की संखà¥à¤¯à¤¾ 10.3 करोड़ हो जाà¤à¤—ी जो पहले 7.2 करोड़ थी। हालांकि à¤à¤¸à¥‡ मरीज जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दवा के जरिठइलाज करवाने की जरूरत पड़े उनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में सिरà¥à¤« 4.2 करोड़ का इजाफा ही होगा। इसमें कà¥à¤› रिसà¥à¤• फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हैं। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, हारà¥à¤Ÿ अटैक और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का दूसरा सबसे बड़ा कारण है जबकि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में अब à¤à¥€ हारà¥à¤Ÿ डिजीज लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ की मानें तो अगर लोग गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें, हेलà¥à¤¦à¥€ डायट लें और नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें तो मौत के आंकड़ों को कम किया जा सकता है।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का ना लें पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
यूà¤à¤¸ की नई गाइडलाइनà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अगले दशक में कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जिसे हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¥€ खतरा है उसे अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को 130/80 से कम करने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ लेकर चलना होगा। 65 साल से अधिक उमà¥à¤° के लोगों में वैसे à¤à¥€ हृदयवाहिनी रोगों का खतरा 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़ जाता है इसलिठ65 साल से अधिक उमà¥à¤° के सà¤à¥€ लोगों को अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 130/80 से कम रखना होगा।
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